आज के समय में उच्च शिक्षा और तकनीकी कोर्स बिना किसी डिजिटल गैजेट के पूरे करना लगभग असंभव है। उत्तर प्रदेश के लाखों मेधावी छात्र जो आर्थिक तंगी के कारण स्मार्टफोन या टैबलेट नहीं खरीद पाते हैं, उनके लिए राज्य सरकार एक बेहद शानदार UP Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2026 चला रही है।
अगर आप यूपी के किसी भी कॉलेज से ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, आईटीआई या कोई डिप्लोमा कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज हम आपको 2026 के नए नियमों, DigiShakti पोर्टल के नए e-KYC अपडेट और फ्री गैजेट प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे।
UP Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana 2026: Overview
| जानकारी का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| योजना का असली नाम | UP Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana |
| अन्य नाम | मिशन डिजीशक्ति (Mission DigiShakti) |
| किसके द्वारा शुरू की गई | उत्तर प्रदेश सरकार (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) |
| लाभार्थी वर्ग | यूपी के ग्रेजुएशन, पीजी, डिप्लोमा और तकनीकी छात्र |
| योजना का लाभ | फ्री स्मार्टफोन और टैबलेट (लगभग 10,000 से 12,000 रुपये कीमत) |
| आवेदन का तरीका | कॉलेज प्रशासन द्वारा ऑफलाइन/पोर्टल अपलोड |
| आधिकारिक पोर्टल | DigiShakti Portal |
| 2026 का नया नियम | MeriPehchaan पोर्टल के माध्यम से e-KYC अनिवार्य |
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना क्या है?
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। इस योजना के अंतर्गत छात्रों को उनकी पढ़ाई के अनुसार मुफ्त में ब्रांडेड स्मार्टफोन या टैबलेट दिए जाते हैं।
इस डिवाइस की मदद से छात्र ऑनलाइन क्लास ले सकते हैं, सरकार की मुफ्त कोचिंग (अभ्युदय योजना) का लाभ उठा सकते हैं, डिजिटल लाइब्रेरी का इस्तेमाल कर सकते हैं और भविष्य में रोजगार खोजने के लिए इंटरनेट का सदुपयोग कर सकते हैं।
किसे मिलेगा स्मार्टफोन और किसे मिलेगा टैबलेट?
अक्सर छात्रों के मन में यह सवाल होता है कि उन्हें टैबलेट मिलेगा या स्मार्टफोन। शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे कोर्स के आधार पर बांटा गया है:
- Tablet Yojana के लिए पात्र: तकनीकी और प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्र जैसे बीटेक, पॉलिटेक्निक, मेडिकल, नर्सिंग, फार्मेसी और आईटीआई के छात्रों को पढ़ाई के लिए बड़ी स्क्रीन की जरूरत होती है, इसलिए इन्हें टैबलेट दिया जाता है।
- स्मार्टफोन के लिए पात्र: सामान्य कोर्स जैसे बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी आदि करने वाले छात्रों को सरकार द्वारा स्मार्टफोन वितरित किया जाता है।
पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को कुछ बुनियादी शर्तों को पूरा करना होगा:
- उत्तर प्रदेश का मूल निवास: छात्र यूपी का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- शैक्षणिक योग्यता: छात्र का नाम राज्य के किसी भी मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी विश्वविद्यालय/कॉलेज में रेगुलर (नियमित) छात्र के रूप में दर्ज होना चाहिए।
- कोर्स का प्रकार: ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, स्किल डेवलपमेंट, आईटीआई, या किसी भी डिप्लोमा कोर्स के छात्र इसके पात्र हैं।
- पारिवारिक आय: आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- सिंगल बेनिफिट: छात्र ने पहले इस योजना के तहत गैजेट प्राप्त न किया हो, क्योंकि यह जीवन में केवल एक बार मिलने वाला लाभ है।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
कॉलेज स्तर पर डेटा वेरिफिकेशन और पोर्टल पर ई-केवाईसी के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज तैयार होने चाहिए:
- आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना बहुत अनिवार्य है)
- कॉलेज का आईडी कार्ड या वर्तमान वर्ष की एडमिशन/फीस रसीद
- हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट
- उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- कॉलेज का एनरोलमेंट नंबर (Enrollment Number)
2026 का बड़ा अपडेट: DigiShakti पोर्टल पर e-KYC अनिवार्य
2026 में गैजेट्स का सही छात्रों तक वितरण सुनिश्चित करने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने एक नया नियम लागू किया है। अब छात्रों को अपना डिवाइस प्राप्त करने से पहले ‘DigiShakti Portal’ पर अपना e-KYC (Know Your Customer) पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
अपना e-KYC कैसे पूरा करें?
- सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में DigiShakti Portal की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- होमपेज पर आपको “e-KYC through MeriPehchaan Portal” का एक नया विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
- इसके बाद अपना विश्वविद्यालय/बोर्ड और कॉलेज का नाम मेनू से चुनें।
- अपना एनरोलमेंट नंबर और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें।
- ‘Search’ बटन पर क्लिक करते ही आपका डेटा स्क्रीन पर आ जाएगा।
- इसके बाद आपको अपना आधार नंबर डालकर OTP के माध्यम से अपना वेरिफिकेशन पूरा करना होगा।
- नोट: अगर आपके आधार कार्ड और कॉलेज रिकॉर्ड के नाम या जन्मतिथि में अंतर है, तो ई-केवाईसी फेल हो जाएगा। इसके लिए पहले अपने नोडल अधिकारी से संपर्क करें।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया (Application Process)
कई छात्र ऑनलाइन कैफे जाकर इस योजना का फॉर्म भरवाने की कोशिश करते हैं। आपको स्पष्ट कर दें कि इस योजना के लिए छात्रों को अपनी तरफ से कोई भी प्रारंभिक ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना होता है।
आवेदन की प्रक्रिया आपके कॉलेज द्वारा की जाती है। कॉलेज प्रशासन खुद सभी पात्र और रेगुलर छात्रों का डेटा तैयार करता है और उसे विभागीय पोर्टल पर अपलोड करता है। डेटा अपलोड होने के बाद, आपको पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस चेक करना होता है और ई-केवाईसी पूरी करनी होती है। इसके बाद जब गैजेट्स कॉलेज में आ जाते हैं, तो एक आधिकारिक वितरण समारोह आयोजित करके छात्रों को टैबलेट या स्मार्टफोन सौंप दिए जाते हैं।
फर्जी लिंक्स से सावधान रहें
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म पर अक्सर ऐसे मैसेज आते हैं कि “यूपी फ्री स्मार्टफोन योजना 2026 की लिस्ट आ गई है, लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरें”। यह पूरी तरह से साइबर स्कैम है। सरकार कभी भी व्हाट्सएप लिंक के जरिए आवेदन नहीं मांगती और न ही इस योजना के लिए कोई शुल्क (कूरियर चार्ज) लिया जाता है।
UP Free Tablet Yojana 2026: FAQ’s
Q.1: स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत खुद से आवेदन कैसे करें?
Ans: आपको स्वयं कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना है। आपका कॉलेज आपका डेटा DigiShakti पोर्टल पर अपलोड करेगा। आपको बस अपने कॉलेज के संपर्क में रहना है और समय आने पर पोर्टल पर अपना ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करना है।
Q.2: क्या पास आउट छात्रों को 2026 में स्मार्टफोन या टैबलेट मिलेगा?
Ans: यदि आप पिछले सत्र के पास आउट छात्र हैं और आपके कॉलेज ने आपका डेटा पोर्टल पर अपलोड किया था (डेटा पेंडिंग लिस्ट में है), तो आपको कॉलेज से संपर्क करना चाहिए। अगर कॉलेज के पास स्टॉक आता है तो आपको बुलाया जा सकता है।
Q.3: मुझे ग्रेजुएशन में स्मार्टफोन मिल चुका है, क्या अब पीजी करने पर मुझे टैबलेट मिलेगा?
Ans: जी नहीं। आधार कार्ड और ई-केवाईसी प्रणाली लागू होने के बाद, एक छात्र को पूरे शैक्षणिक जीवन में केवल एक ही बार इस योजना का लाभ दिया जाता है।
Q.4: मेरा नाम आधार कार्ड और कॉलेज रिकॉर्ड में अलग-अलग है, क्या होगा?
Ans: अगर दोनों जगह नाम या जन्मतिथि मेल नहीं खाती है, तो आपका ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा और आप लिस्ट से बाहर हो सकते हैं। इसे तुरंत अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी (Nodal Officer) से मिलकर सुधरवाएं।
Q.5: मैं अपना नाम लिस्ट में कैसे चेक कर सकता हूँ?
Ans: आप DigiShakti पोर्टल पर अपने एनरोलमेंट नंबर की मदद से स्टूडेंट सेक्शन में लॉगिन करके अपना वर्तमान स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके अलावा फाइनल लिस्ट आपके कॉलेज के नोटिस बोर्ड पर ही चस्पा की जाती है।